Saturday, 26 March 2016

आयुर्वेदिक उपाय सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय


आयुर्वेदिक उपाय

सर दर्द ,रुसी और बदहजमी दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय 

सर दर्द से राहत के लिए 

१. तेज़ पत्ती की काली चाय में निम्बू का रस निचोड़ कर पीने से सर दर्द में अत्यधिक लाभ होता है.
२ .नारियल पानी में या चावल धुले पानी में सौंठ पावडर का लेप बनाकर उसे सर पर लेप करने भी सर दर्द में आराम पहुंचेगा.
३. सफ़ेद चन्दन पावडर को चावल धुले पानी में घिसकर उसका लेप लगाने से भी फायेदा होगा.
४. सफ़ेद सूती का कपडा पानी में भिगोकर माथे पर रखने से भी आराम मिलता है.
५. लहसुन पानी में पीसकर उसका लेप भी सर दर्द में आरामदायक होता है.
६. लाल तुलसी के पत्तों को कुचल कर उसका रस दिन में माथे पर २ , ३ बार लगाने से भी दर्द में राहत देगा.
७. चावल धुले पानी में जायेफल घिसकर उसका लेप लगाने से भी सर दर्द में आराम देगा.
८. हरा धनिया कुचलकर उसका लेप लगाने से भी बहुत आराम मिलेगा.
९ .सफ़ेद  सूती कपडे को सिरके में भिगोकर माथे पर रखने से भी दर्द में राहत मिलेगी.

 बालों की रूसी दूर करने के लिए१. नारियल के तेल में निम्बू का रस पकाकर रोजाना सर की मालिश करें.

२. पानी में भीगी मूंग को पीसकर नहाते समय शेम्पू की जगह प्रयोग करें.
३. मूंग पावडर में दही मिक्स करके सर पर एक घंटा लगाकर धो दें.
४ रीठा पानी में मसलकर उससे सर धोएं.
५. मछली, मीट अर्थात nonveg त्यागकर केवल पूर्ण शाकाहारी भोजन का प्रयोग भी आपकी सर की रूसी दूर करने में सहायक होगा.

गैस व् बदहजमी दूर करने के लिए

१. भोजन हमेशा समय पर करें.
२. प्रतिदिन सुबह देसी शहद में निम्बू रस मिलाकर चाट लें.
३. हींग, लहसुन, चद गुप्पा ये तीनो बूटियाँ पीसकर गोली बनाकर छाँव में सुखा लें, व् प्रतिदिन एक गोली खाएं.४. भोजन के समय सादे पानी के बजाये अजवायन का उबला पानी प्रयोग करें.
५. लहसुन, जीरा १० ग्राम घी में भुनकर भोजन से पहले खाएं.
६. सौंठ पावडर शहद ये गर्म पानी से खाएं.
७. लौंग का उबला पानी रोजाना पियें.
८. जीरा, सौंफ, अजवायन इनको सुखाकर पावडर बना लें,शहद के साथ भोजन से पहले प्रयोग करें
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एक छोटी सी इलाइची आप के लिए है बड़ी फायदेमंद, जानें कैसे - BY TIPS RAJEEV SIPAHIYA

सफल दाम्पत्य जीवन के लिए जरूरी है कि पति-पत्नी के बीच शारीरिक संबंध मजबूत हों। इसके लिए पौरूष क्षमता का प्रबल होना बेहद जरूरी है। इसे बेहतर करने के लिए लोग तरह-तरह के उपचार करते हैं। लेकिन इसके लिए सही खानपान व नियमित व्यायाम बेहद जरूरी होता है। इसके अलावा भी प्रकृति में भी ऐसी कई चीजें हैं जिनके सेवन ये यौन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। हम आप को एक छोटी सी इलाइची के बड़े गुणों के बारे में बता रहे हैं। जानते हैं इलाइची कैसे पौरूष क्षमता को बढ़ाने में मददगार होती है।
इलायची का सेवन आमतौर पर सांस और मुंह को साफ रखने के लिए अथवा मसाले के रूप में किया जाता है। यह दो प्रकार की होती है, हरी या छोटी इलायची व बड़ी इलायची। इलायची को वाजीकरण नुस्खे के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है। इलायची एक ऐसे टॉनिक के रूप में भी काम करती है जिससे कामोत्तेजना में वृद्धी होती है। यह शरीर को ताकत प्रदान करने के साथ-साथ असमय स्खलन व नपुंसकता की समस्या से भी मुक्त कराने में सहायक होती है।
ऐसे करें सेवन
इसका सेवन करने के लिये दूध में इलायची डालकर उबालें। ठीक से उबल जाने के बाद इसमे थोड़ा शहद मिलाएं और नियमित रूप से रात को सोते समय इसका सेवन करें। इसके नियमित सेवन से यौन क्षमता में इजाफा होता है और दामपत्य जीवन सुखमय बनता है।
मुंह के छालों में लाभदायक
इसका अलावा मुंह में छाले की समस्या को दूर करने के लिए बड़ी इलायची को महीन पीसकर उसमें पिसी हुई मिश्री मिलाकर जीभ पर रखने से छाले दूर होते हैं। लेकिन रात के समय इलायची न खायें, इससे खट्टी डकारें आने की शिकायत हो सकती है।
महिलाएं न करें सेवन
महिलाओं को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिये, क्योंकि इसके अधिक सेवन से महिलाओं में गर्भपात होने की भी संभावना होती है।
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Friday, 25 March 2016

स्वस्थ रहने की 10 अच्छी आदतें

स्वस्थ रहने की 10 अच्छी आदतें

* कहीं भी बाहर से घर आने के बाद, किसी बाहरी वस्तु को हाथ लगाने के बाद, खाना बनाने से पहले, खाने से पहले, खाने के बाद और बाथरूम का उपयोग करने के बाद हाथों को अच्छी तरह साबुन से धोएं। यदि आपके घर में कोई छोटा बच्चा है तब तो यह और भी जरूरी हो जाता है। उसे हाथ लगाने से पहले अपने हाथ अच्छे से जरूर धोएं। 

* घर में सफाई पर खास ध्यान दें, विशेषकर रसोई तथा शौचालयों पर। पानी को कहीं भी इकट्ठा न होने दें। सिंक, वॉश बेसिन आदि जैसी जगहों पर नियमित रूप से सफाई करें तथा फिनाइल, फ्लोर क्लीनर आदि का उपयोग करती रहें। खाने की किसी भी वस्तु को खुला न छोड़ें। कच्चे और पके हुए खाने को अलग-अलग रखें। खाना पकाने तथा खाने के लिए उपयोग में आने वाले बर्तनों, फ्रिज, ओवन आदि को भी साफ रखें। कभी भी गीले बर्तनों को रैक में नहीं रखें, न ही बिना सूखे डिब्बों आदि के ढक्कन लगाकर रखें।

* ताजी सब्जियों-फलों का प्रयोग करें। उपयोग में आने वाले मसाले, अनाजों तथा अन्य सामग्री का भंडारण भी सही तरीके से करें तथा एक्सपायरी डेट वाली वस्तुओं पर तारीख देखने का ध्यान रखें। 

* बहुत ज्यादा तेल, मसालों से बने, बैक्ड तथा गरिष्ठ भोजन का उपयोग न करें। खाने को सही तापमान पर पकाएं और ज्यादा पकाकर सब्जियों आदि के पौष्टिक तत्व नष्ट न करें। साथ ही ओवन का प्रयोग करते समय तापमान का खास ध्यान रखें। भोज्य पदार्थों को हमेशा ढंककर रखें और ताजा भोजन खाएं।

* खाने में सलाद, दही, दूध, दलिया, हरी सब्जियों, साबुत दाल-अनाज आदि का प्रयोग अवश्य करें। कोशिश करें कि आपकी प्लेट में 'वैरायटी ऑफ फूड' शामिल हो। खाना पकाने तथा पीने के लिए साफ पानी का उपयोग करें। सब्जियों तथा फलों को अच्छी तरह धोकर प्रयोग में लाएं। 

* खाना पकाने के लिए अनसैचुरेटेड वेजिटेबल ऑइल (जैसे सोयाबीन, सनफ्लॉवर, मक्का या ऑलिव ऑइल) के प्रयोग को प्राथमिकता दें। खाने में शकर तथा नमक दोनों की मात्रा का प्रयोग कम से कम करें। जंकफूड, सॉफ्ट ड्रिंक तथा आर्टिफिशियल शकर से बने ज्यूस आदि का उपयोग न करें। कोशिश करें कि रात का खाना आठ बजे तक हो और यह भोजन हल्का-फुल्का हो। 

* अपने विश्राम करने या सोने के कमरे को साफ-सुथरा, हवादार और खुला-खुला रखें। चादरें, तकियों के गिलाफ तथा पर्दों को बदलती रहें तथा मैट्रेस या गद्दों को भी समय-समय पर धूप दिखाकर झटकारें। 

* मेडिटेशन, योगा या ध्यान का प्रयोग एकाग्रता बढ़ाने तथा तनाव से दूर रहने के लिए करें।

* कोई भी एक व्यायाम रोज जरूर करें। इसके लिए रोजाना कम से कम आधा घंटा दें और व्यायाम के तरीके बदलते रहें, जैसे कभी एयरोबिक्स करें तो कभी सिर्फ तेज चलें। अगर किसी भी चीज के लिए वक्त नहीं निकाल पा रहे तो दफ्तर या घर की सीढ़ियां चढ़ने और तेज चलने का लक्ष्य रखें। कोशिश करें कि दफ्तर में भी आपको बहुत देर तक एक ही पोजीशन में न बैठा रहना पड़े। 

* 45 की उम्र के बाद अपना रूटीन चेकअप करवाते रहें और यदि डॉक्टर आपको कोई औषधि देता है तो उसे नियमित लें। प्रकृति के करीब रहने का समय जरूर निकालें। बच्चों के साथ खेलें, अपने पालतू जानवर के साथ दौड़ें और परिवार के साथ हल्के-फुल्के मनोरंजन का भी समय निकालें।
                                  JAI MATA DI 

MR  RAJEEV SIPAHIYA FROM HAMIRPUR(UHAL) SIPAHIYA.BLOGSPOT.COM
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गिलोय के स्वास्थ्य लाभ

गिलोय के पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं। गिलोय इतनी गुणकारी है कि इसका नाम अमृता रखा गया है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फास्‍फोरस और तने में स्टार्च पाया जाता है। इसके स्‍वास्‍थ्‍य लाभों के बारे में जाने इस स्‍लाइड शो में।
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    गिलोय के स्वास्थ्य लाभ

    गिलोय के पत्ते पान के पत्ते की तरह होते हैं। गिलोय इतनी गुणकारी है कि इसका नाम अमृता रखा गया है। इसकी पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फास्‍फोरस और तने में स्टार्च पाया जाता है। यह वात, कफ और पित्तनाशक होती है। गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है। साथ ही इसमें एंटीबायोटिक और एंटीवायरल तत्‍व भी होते है।
  • 2

    खून की कमी दूर करें

    गिलोय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है और शरीर में खून की कमी को दूर करता है। इसके लिए प्रतिदिन सुबह-शाम गिलोय का रस घी या शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में खून की कमी दूर होती है।
  • 3

    पीलिया में फायदेमंद

    गिलोय का सेवन पीलिया रोग में भी बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय का एक चम्मच चूर्ण, काली मिर्च अथवा त्रिफला का एक चम्मच चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से पीलिया रोग में लाभ होता है। या गिलोय के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाल लें। एक चम्‍मच रस को एक गिलास मट्ठे में मिलाकर सुबह-सुबह पीने से पीलिया ठीक हो जाता है।
  • 4

    जलन दूर करें

    अगर आपके पैरों में जलन होती है और बहुत उपाय करने के बाद भी आपको कोई फायदा नहीं हो रहा है तो आप गिलोय का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए गिलोय के रस को नीम के पत्ते एवं आंवला के साथ मिलाकर काढ़ा बना लें। प्रतिदिन 2 से 3 बार इस काढ़े का सेवन करें इससे हाथ पैरों और शरीर की जलन दूर हो जाती है।
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    कान दर्द में लाभकारी

    गिलोय के पत्तों के रस को गुनगुना करके कान में डालने से कान का दर्द ठीक होता है। साथ ही गिलोय को पानी में घिसकर और गुनगुना करके दोनों कानों में दिन में 2 बार डालने से कान का मैल निकल जाता है।
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    उल्टियां में फायदेमंद

    गर्मियों में कई लोगों को उल्‍टी की समस्‍या होती हैं। ऐसे लोगों के लिए भी गिलोय बहुत फायदेमंद होता है। इसके लिए गिलोय के रस में मिश्री या शहद मिलाकर दिन में दो बार पीने से गर्मी के कारण से आ रही उल्टी रूक जाती है।
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    पेट के रोगों में लाभकारी

    गिलोय के रस या गिलोय के रस में शहद मिलाकर सेवन करने से पेट से संबंधित सभी रोग ठीक हो जाते है। इसके साथ ही आप गिलोय और शतावरी को साथ पीस कर एक गिलास पानी में मिलाकर पकाएं। जब उबाल कर काढ़ा आधा रह जाये तो इस काढ़े को सुबह-शाम पीयें।
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    खुजली दूर भगाएं

    खुजली अक्‍सर रक्त विकार के कारण होती है। गिलोय के रस पीने से रक्त विकार दूर होकर खुजली से छुटकारा मिलता है। इसके लिए गिलोय के पत्तों को हल्दी के साथ पीसकर खुजली वाले स्थान पर लगाइए या सुबह-शाम गिलोय का रस शहद के साथ मिलाकर पीएं।
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    आंखों के लिए फायदेमंद

    गिलोय का रस आंवले के रस के साथ मिलाकर लेना आंखों के रोगों के लिए लाभकारी होता है। इसके सेवन से आंखों के रोगों तो दूर होते ही है, साथ ही आंखों की रोशनी भी बढ़ती हैं। इसके लिए गिलोय के रस में त्रिफला को मिलाकर काढ़ा बना लें। इस काढ़े में पीपल का चूर्ण और शहद मिलकर सुबह-शाम सेवन करें।
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    बुखार में फायदेमंद

    गिलोय एक रसायन है जो रक्तशोधक, ओजवर्धक, हृदयरोग नाशक ,शोधनाशक और लीवर टोनिक भी है। गिलोय के रस में शहद मिलाकर लेने से बार-बार होने वाला बुखार ठीक हो जाता है। या गिलोय के रस में पीपल का चूर्ण और शहद को मिलाकर लेने से तेज बुखार तथा खांसी ठीक हो जाती है।
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    मोटापा कम करें

    गिलोय मोटापा कम करने में भी मदद करता है। मोटापा कम करने के लिए गिलोय और त्रिफला चूर्ण को सुबह और शाम शहद के साथ लें। या गिलोय, हरड़, बहेड़ा, और आंवला मिला कर काढ़ा बनाकर इसमें शिलाजीत मिलाकर पकाएं और सेवन करें। इस का नियमित सेवन से मोटापा रुक जाता है।
  • rajeev sipahiya> sipahiya.blogspot.com>any health information pls 


honey health benefits in hindi

Honey यानि शहद न केवल अद्भुत मिठास लिए है बल्कि इसके medical benefits इतने है कि बहुत तरह के medical इश्यूज़ में हम भारतीय इसकी बात किये बिना नहीं रहते है तो चलिए जानते है कि ऐसी कौनसी कौनसी बाते है जो honey को इतना खास बनाती है –

honey health benefits in hindi

नेत्रों के लिए / Good for your eyes– honey का इस्तेमाल आँखों से जुडी eye drop बनाने के लिए बहुत व्यापक तौर पर किया जाता है अगर आप बाबा रामदेव की दिव्यद्र्ष्टि के बारे में जानते है जिसके बारे में लोगो के बहुत positive रिव्यु है तो आपको पता होगा कि उसके निर्माण में भी शहद का प्रयोग किया गया है |
मोटापे में / Get slim – अगर आप अपने मोटापे को लेकर परेशान है तो भी आपके लिए यह एकदम beneficial है क्योंकि सुबह सुबह अगर आप खाली पेट गुनगुने पानी में honey को मिलाकर पीते है तो यह कदम आपको घटते मोटापे की ओर ले जाता है क्योंकि ऐसा इसलिए होता है कि honey अंदर जाकर आपके शरीर को भीतर से साफ़ करने के लिए की जाने वाली क्रियाओं को प्रेरित करता है जिसकी वजह नियमित लीवर की सफाई होती जाती है और शरीर से extra fat और अवांछित पदार्थों का निष्कासन होता रहता है |
honey health benefits in hindi
honey
आपके दिल के लिए कमाल का / beneficial for heart problems – एक आयुर्वेदिक नुस्खे के अनुसार अगर आप दालचीनी में honey को मिलकर उसका सेवन करते है तो खून में से गंदे वाले कोलेस्ट्रोल की मात्रा कम से कम 10 % नियंत्रण में हो जाती है साथी ही आपकी धमनियों की जो रखरखाव के लिए की जाने वाली शारीरिक क्रिया है उसे बल मिलता है जिस से आपकी रक्त वाहिकाएं और स्वस्थ हो जाती है | इस बात का ध्यान रखना जरुरी है कि इन्टरनेट पर पढ़े गये किसी भी नुस्खे को अपनाने से पहने एक बार अपने आयुर्वेद के doctor से इस बारे में कन्फर्म कर लेना चाहिए क्योंकि वो आपके लक्षणों के आधार पर आपकी समस्या को बेहतर पहचान सकते है |
प्राकृतिक शुगर का भण्डार/ Good source of natural sugar- honey में प्राकृतिक शुगर होती है जिसमे शरीर के लिए सब तरह की जरुरी शर्करा और उर्जा होती है और इसके खाने का यह सबसे main फायदा होता है कि आप honey के मुकाबले कोई भी मीठी चीज़ खाते है तो आपको ज्यादा नहीं तो थोडा तो नुक्सान करती है लेकिन शहद के साथ ऐसा नहीं है क्योंकि इसमें मौजूद उर्जा पूरी तरह से प्रकृतिक होती है |
त्वचा के लिए कमाल के गुण / skin care – चेहरे पर मुहांसे आदि के cure के लिए honey का इस्तेमाल किया जाता रहा है |
पाचन क्षमता में सुधार / Improve digestion system – अक्सर जब हम शादी या किसी समारोह में बहुत अधिक खा लेते है तो उसके लिए बाद में लोगो को निम्बू पानी और honey को लेते हुए देखा जा सकता है साथ ही ऐसा पाया गया है कि honey में मौजूद कुछ जरुरी तत्व आपके पाचन तंत्र के लिए कमाल के होते है और ऐसे में आपको गैस जैसी समस्या में प्रभावी तौर पर आराम मिलता है |
immune system के लिए  – honey में ढेर सारे वो तत्व और विटामिन्स और मिनरल होते है जो आपके शरीर में दैनिक तौर पर जरुरी होते है ऐसे में शहद का सेवन आपके immunity को increase करते हुए आपको कई तरह की छोटी बड़ी बीमारियों से बचने में मदद करता है | आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली इस से दुरुस्त होती है |
कैंसररोधी होता है / Anti-cancer – हाल ही के research में पाया गया है कि शुद्ध honey में कुछ इस तरह की प्रॉपर्टीज होती है जो आपको cancer से भी बचाने का काम करती है |

beetroot health benefits in hindi

Beetroot यानि चुकंदर के भी अन्य प्रकृति प्रदत फलों की तरह अपने health benefits है और फलों के गुणकारी होने ऐसा लगता है जैसे प्रकृति ने हमारे शरीर की जरुरत के अनुसार हर तरह के गुणों से भरपूर फलों को हमे दिया है और चुकंदर भी उसी श्रेणी में एक फल है beetroot के साथ सबसे खास बात है कि इस फल को एनीमिया में सबसे अधिक गुणकारी माना जाता है क्योंकि इसके सेवन से हिमोग्लोबिन का स्तर बढ़ जाता है और इसके अलावा भी इसके बहुत सारे सेहत के फायदे है तो चलिए उस बारे में कुछ बात करते है –

beetroot health benefits in hindi

चलिए जानते है है beetroot में health के लिए क्या क्या benefits है –
    • beetroot के अंदर प्रचुर मात्रा में कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है अर्थात हम कह सकते है यह उर्जा का एक बेहतरीन source है और कार्बोहाइड्रेट हमारे शरीर के उर्जा स्तर में इजाफा करता है जिसकी वजह से हमे थकान की समस्या नहीं होती है |
    • white beetroot फोड़े और जलन जैसी समस्या में भी किया जा सकता है और इसके बेतरीन स्वास्थ्य लाभ के लिए white beetroot को आप पानी में उबालकर और पानी को छानकर अलग कर लें और उस पानी का इस्तेमाल आप फोड़े और मुहांसे के लिए कर सकते है |
    • खसरा और बुखार की वजह से हो सकता है आपकी त्वचा damage हो गयी हो और beetroot के इस्तेमाल से आप वो damage ठीक कर सकते है |
      beetroot health benefits in hindi
      beetroot health benefits in hindi
    • immune system के लिए भी यह लाभदायक है इस से हमारे immune system को सकारात्मक रूप से प्रभावित करने वाले कारको को उतेजना मिलती है जिसकी वजह से immune system भी बेहतर हो जाता है |
    • iron की भी इसमें प्रचुर मात्र होती है जिसकी वजह हमारे खून के अंदर पाए जाने वाली ला रक्त कोशिकाओं को एक्टिव रखता है और इसी वजह से इसे अनिमियां में भी सेवन किया जा सकता है और रक्त की व्यधिओं के लिए यह सबसे उत्तम फल है | जिस से शरीर में नया खून बनने की क्रिया को बल मिलता है |
    • इसके सेवन से शरीर पर आई विभिन्न चोट और घाव भरने में मदद मिलती है और recovery process तेजी से होता है |
    • कब्ज जैसे रोगों में भी यह लाभदायक है पुरानी और यदा कदा अगर किसी को कब्ज की शिकायत रहती है तो इसके सेवन से आपकी वो समस्या भी दूर हो जाती है |
    • blood pressure को नियमित करने में भी यह सहायक होता है |
    • beetroot का सेवन बवासीर में भी उतम होता है |
    • यह न केवल आपका stamina बढ़ा देता है अपितु हमारी मांसपेशियों के लिए भी सही होता है |
    • beetroot में प्रचुर मात्र में पोटेशियम , magnicium , iron , विटामिन A B6 C होते है साथ ही फोलिक acid भी होता है  और साथ ही प्रचुर और powerful antioxident भी होते है जो आपके शरीर को विभिन्न रोगों से लड़ने में आपकी मदद करते है |
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