Saturday, 26 March 2016
शहद से पाएं सुंदर त्वचा और बेहतर स्वास्थ्य
- स्वस्थ शरीर के लिए शहद बहुत ही लाभकारी होता है।
- औषधी के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधन में इस्तेमाल होता है शहद।
- दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ता है रोजाना शहद का सेवन।
- अनार के रस में शहद मिलाकर लेने से होते हैं कई लाभ।
स्वस्थ शरीर के लिए शहद या मधु बहुत ही लाभकारी होता है। यह कमाल के गुणों से भरपूर है, शहद बच्चों से लेकर बूढों तक सभी के लिये अच्छा होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, विटामिन बी, सी, लौह, मैगनीशियम, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटेशियम, सोडियम आदि गुणकारी तत्व होते हैं। इस लेख में हम आपको बता रहे हैं शहद के ऐसे ही लाजवाब फायदे।
शहद के फायदे
आयुर्वेद में भी ऐसी मान्यता है कि अलग-अलग स्थानों पर लगने वाले छत्तों के शहद के गुण अलग-अलग होते हैं। जैसे नीम पर लगे छत्ते का शहद, आंखों के लिए, जामुन पर लगा शहद मधुमेह और सहजने पर लगा शहद का हृदय वात तथा रक्तचाप के लिए अच्छा होता है। इसके अलावा शहद कई बीमारियों को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। यानी शहद से कुछ बीमारियों का घरेलू इलाज संभव है। अगर आप प्रकृतिक तरीके से उपने स्वावस्थ्य और त्वचा की देखभाल करना चाहते हैं तो आपके लिए शहद कामाल की चाज है। आइए जानें शहद के क्या लाभ हैं और इसके प्रयोग से सेहत और सूरत कैसे अच्छी बन सकती है।
सेहत और सौंदर्य के लिए शहद
- शहद में विटामिन, कार्बोहाइड्रेट, अमीनो एसिड, प्रोटीन और खनिज पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। जो कि सेहत कि लिए जरूरी होते हैं।
- शहद में ग्लूकोज पाया जाता है। साथ ही शहद में पाए जाने वाला विटामिन और शुगर शरीर के भीतर जाते ही कुछ ही समय में घुल जाता है।
- शहद का इस्तेमाल औषधी बनाने के साथ-साथ सौंदर्य प्रसाधन की तरह भी किया जाता है।
- बच्चों की खांसी दूर करने के लिए अदरक के रस में शहद मिलाकर देने से खांसी में आराम मिलता है। सूखी खांसी में भी शहद और नींबू का रस लेने से फायदा होता है।
- जी मिचला रहा हो या फिर उल्टी आने की शिकायत हो तो शहद लेना चाहिए।
- शहद के सेवन से कब्ज भी दूर होती है। कब्ज की शिकायद होने पर टमाटर या संतरे के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर खाने से लाभ होता है।
- यदि आप वजन बढ़ाना चाहते हैं तो रात में दूध में शहद डालकर पीएं।
- मांसपेशी मजबूत करनी हो, रक्तचाप नॉर्मल करना हो या हीमोग्लाबिन बढ़ाना हो तो भी शहद का सेवन लाभकारी है।
- यदि आप थकान महसूस करते हैं या फिर आपको एनीमिया है तो भी आप नियमित रूप से शहद का सेवन कर इस बीमारी को दूर कर सकते हैं।
- न सिर्फ वजन बढ़ाने बल्कि वजन घटाने के लिए भी शहद लाभकारी है। आप यदि गुनगुने पानी में नींबू और शहद मिलाकर सुबह खाली पेट लेंगे तो कुछ ही समय में आप अपना वजन कम होते हुए देख सकते हैं।
- अर्थराइटिस के दर्द से निजात पानी हो या फिर जोड़ों में अधिक दर्द हो तो शहद में दालचीनी का पाउडर मिलाकर मसाज करनी चाहिए।
- जुकाम दूर करने के लिए शहद, अदरक और तुलसी के पत्तों का रस बराबर मात्रा में मिलाकर चाटने से राहत मिलती है। इतना ही नहीं यदि आपको ठीक तरह से नींद नहीं आती तो रात को दो चम्मच शहद खाकर सोना लाभकारी होता है।
- शहद का नियमित और उचित मात्रा में उपयोग करने से शरीर स्वस्थ, सुंदर, बलवान, स्फूर्तिवान बनता है और दीर्घजीवन प्रदान करता है।
- गर्भावस्था के दौरान शहद का सेवन करने से होने वाला बच्चा स्वस्थ एवं मानसिक दृष्टि से अन्य शिशुओं से श्रेष्ठ होती है।
- त्वचा के जल जाने, कट जाने या छिल जाने पर भी शहद लगाने से लाभ मिलता है।
- आंखों में रोज 1-2 शहद की बूंद डालने से आंखों की रोशनी बढ़ती है।
- शहद का रोजाना सेवन करने से दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ती है।
- शहद को अनार के रस में मिलाकर लेने से दिमागी कमजोरी, सुस्ती, निराशा तथा थकावट आदि दूर होते हैं।
- हृदय के लिए भी शहद गुणकारी है, मीठी सौंफ के साथ 1-2 चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से दिल को मजबूत तो करता ही है। हृदय को सुचारू रूप से कार्य करने में भी मदद करता है।
शहद को एक खाद्य एवं प्राकृतिक औषधि माना गया है जो शरीर को स्वस्थ, निरोग और ऊर्जावान बनाये रखने में लाभदायक है।
by
rajeev sipahiya >>>>>>>>>>>>>>>..sipahiya.blogspot.com
हल्दी के दूध का सेवन किसे नहीं करना चाहिए
हल्दी सिर्फ रसोई घर मे मिलने वाला एक मसाला नहीं बल्कि इसका प्रयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है, हल्दी दूध बीमारियों के साथ दर्द से तुरंत आराम देता है, लेकिन कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए।
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हल्दी दूध के नुकसान
चोट लग जाने या सर्दी- बुखार होने पर हम अक्सर हल्दी दूध का सेवन करते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि अनेक फायदों वाले इस हल्दी दूध से कुछ नुकसान भी होते हैं। एक रिसर्च के मुताबिक, यह बात सामने आई है कि अधिक हल्दी के सेवन से आपकी त्वचा रूखी और खुजलीदार हो सकती है। सामान्यता 240 से 500 मिग्रा हल्दी वो भी तीन बार में प्रयोग करने की हिदायत दी जाती है। हल्दी का अधिक सेवन करने से पहले एक बार अपने डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें। - 2
एलर्जी और गॉलब्लैडर की समस्या
अगर आपको मसालों के सेवन से एलर्जी हो जाती है तो हल्दी का भी प्रयोग बंद कर दें। यह आपकी एलर्जी को और बढ़ा सकती है। हल्दी गॉलब्लैडर में स्टोन बनाने का भी काम कर सकती है। इसके अलावा यह गैस भी बनाती है। - 3
लीवर की समस्या बढ़ाए
जिन लोगों का लीवर बढ़ा हुआ है या फिर लिवर से संबंधित अन्य समस्याएं हैं, उन्हें हल्दी दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें मौजूद तत्व लिवर की समस्या को बढ़ा सकती है। अगर आपको खाना खाने के बाद सिर में भारी दर्द हो जाए तो, इसका एक कारण हल्दी भी हो सकती है। - 4
गर्भवती महिलाएं
कई प्रेग्नेंट महिलाएं दूध में हल्दी डाल कर पीती हैं, जिससे उन्हें गोरा बच्चा पैदा हो। लेकिन हल्दी गर्भाशय का संकुचन, गर्भाशय में रक्त स्रव या गर्भाशय में ऐंठन पैदा कर सकती है।वैसे तो कई केस में हल्दी कैंसर सेल्स से लड़ने में सहायक होती है लेकिन दूसरे केस में यह भी देखा गया है कि यह ब्रेस्ट कैंसर को भी बढ़ावा देती है। - 5
मधुमेह रोगी
मधुमेह रोगियों के लिए हल्दी अच्छी है लेकिन ज्यादा हल्दी के सेवन से ब्लड शुगर काफी अधिक कम हो जाती है।अगर आपको पहले से ही एनीमिया की शिकायत है तो, हल्दी का सेवन कम कर दें। - 6
सर्जरी के बाद न लें हल्दी
यदि आपकी सर्जरी हुई हैं तो इसका ज्यादा मात्रा में सेवन बुरा है, हल्दी खाने से शरीर में ब्लड क्लॉटिंग की समस्या हो जाती है. यह उनके लिए रिस्की हो सकता है जिनकी हाल ही में सर्जरी हुई हो। - 7
इम्यूनिटी घटाए
यह हमारी इम्यूनिटी सिस्टम को भी प्रभावित करती है। यह उसे कमजोर बना सकती है। भोजन में अगर ज्यादा हल्दी हो तो, इंसान को मतली आने की भी गुंजाइश होती है। - 8
इंर्फटिलिटी और गैस की समस्या
ज्यादा हल्दी खाने से पुरुषों को इंर्फटिलिटी की भी समस्या हो जाती है। इससे स्पर्म का प्रोडक्शन कम हो जाता है, ऐसा रिसर्च में कहा गया है।ज्यादा हल्दी खाने से पेट में गैस की समस्या होती है। इससे डायरिया और कब्ज भी हो सकता है।
by rajeev sipahiya >sipahiya.blogspot.com
आयुर्वेद की मदद से करें बवासीर का उपचार
- बवासीर में होने वाला दर्द असहनीय होता है।
- आयुर्वेदिक औषधियों से इससे बचा जा सकता है।
- बड़ी इलायची बवासीर के लिए अच्छा उपचार है।
- ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन कीजिए।
बवासीर या हैमरॉइड से अधिकतर लोग पीड़ित रहते हैं। इस बीमारी के होने का प्रमुख कारण अनियमित दिनचर्या और खान-पान है। बवासीर में होने वाला दर्द असहनीय होता है। बवासीर मलाशय के आसपास की नसों की सूजन के कारण विकसित होता है। बवासीर दो तरह की होती है, अंदरूनी और बाहरी। अंदरूनी बवासीर में नसों की सूजन दिखती नहीं पर महसूस होती है, जबकि बाहरी बवासीर में यह सूजन गुदा के बिलकुल बाहर दिखती है।
बवासीर को पहचानना बहुत ही आसान है। मलत्याग के समय मलाशय में अत्यधिक पीड़ा और इसके बाद रक्तस्राव, खुजली इसका लक्षण है। इसके कारण गुदे में सूजन हो जाती है। आयुर्वेदिक औषधियों को अपनाकर बवासीर से छुटकारा पाया जा सकता है।
नींबू
डेढ़-दो कागजी नींबू अनिमा के साधन से गुदा में लें। 10-15 मिनट के अंतराल के बाद थोड़ी देर में इसे लेते रहिए उसके बाद शौच जायें। यह प्रयोग 4-5 दिन में एक बार करें। इसे 3 बार प्रयोग करने से बवासीर में लाभ होता है।
जीरा
करीब दो लीटर मट्ठा लेकर उसमे 50 ग्राम पिसा हुआ जीरा और थोडा नमक मिला दें। जब भी प्यास लगे तब पानी की जगह यह छाछ पियें। चार दिन तक यह प्रयोग करने से बवासीर के मस्से ठीक हो जाते है। या आधा चम्मच जीरा पावडर को एक गिलास पानी में डाल कर पियें।
जामुन
जामुन की गुठली और आम की गुठली के अंदर का भाग सुखाकर इसको मिलाकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक चम्मच की मात्रा में हल्के गर्म पानी या छाछ के साथ सेवन करने से खूनी बवासीर में लाभ होता है।
इसबगोल
इसबगोल भूसी का प्रयोग करने से से अनियमित और कड़े मल से राहत मिलती है। इससे कुछ हद तक पेट भी साफ रहता है और मस्सा ज्यादा दर्द भी नही करता।
बड़ी इलायची
बड़ी इलायची भी बवासीर को दूर करने का बहुत ही अच्छा उपचार है। इसे सेवन करने के लिए लगभग 50 ग्राम बड़ी इलायची को तवे पर रखकर भूनते हुए जला लीजिए। ठंडी होने के बाद इस इलायची को पीस लीजिए। रोज सुबह इस चूर्ण को पानी के साथ खाली पेट लेने से बवासीर ठीक हो जाता है।
किशमिश
रात को 100 ग्राम किशमिश पानी में भिगों दें और इसे सुबह के समय में इसे उसी पानी में इसे मसल दें। इस पानी को रोजाना सेवन करने से कुछ ही दिनों में बवासीर रोग ठीक हो जाता है।
अन्य उपाय
चौथाई चम्मच दालचीनी चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर प्रतिदिन एक बार लेना चाहिए। इससे बवासीर नष्ट हो जाती है। हरड या बाल हरड का प्रतिदिन सेवन करने से आराम मिलता है। अर्श (बवासीर) पर अरंडी का तेल लगाने से फायदा होता है। साथ ही नीम का तेल मस्सों पर लगाइए और इस तेल की 4-5 बूंद रोज पीने से बवासीर में लाभ होता है। आराम पहुंचानेवाली क्रीम, मरहम, वगैरह का प्रयोग आपको पीड़ा और खुजली से आराम दिला सकते हैं।
इन औषधियों के प्रयोग के अलावा अपनी आंतों की गतिविधियों को सामान्य रखने के लिये, फल, सब्ज़ियां, ब्राउन राईस, ब्राउन ब्रेड जैसे रेशेयुक्त आहार का सेवन कीजिए। ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन कीजिए।
इन औषधियों के प्रयोग के अलावा अपनी आंतों की गतिविधियों को सामान्य रखने के लिये, फल, सब्ज़ियां, ब्राउन राईस, ब्राउन ब्रेड जैसे रेशेयुक्त आहार का सेवन कीजिए। ज्यादा मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन कीजिए।
sipahiya.blogspot.com> by comments rajeev sipahiya
मस्सों के लिए 10 प्रभावकारी घरेलू नुस्खे
- त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंडों को मस्सा कहते हैं।
- त्वचा पर होने वाला यह मस्सा आमतौर पर भूरे और काले दो रंग का होता है।
- लहसुन काटकर रगड़ने से कुछ दिनों में दूर हो जाता है मस्सा।
- दिन में दो बार मस्सों पर शहद लगाने से भी होता है फायदा।
शरीर पर मस्से बहुत अजीब लगते हैं। काले मस्से तो चेहरे की खूबसूरती को बिगाड़ देते हैं। त्वचा पर पेपीलोमा वायरस के कारण छोटे, खुरदुरे कठोर पिंड बन जाते हैं जिसे मस्सा कहते हैं। मस्से काले और भूरे रंग के होते हैं। मस्से 8 से 12 प्रकार के होते हैं। मस्से अक्सर अपने-आप समाप्त हो जाते हैं, लेकिन कुछ मस्से इलाज के बाद जाते हैं। मस्से को काटने और फोड़ने के कारण मस्से का वायरस शरीर के अन्य हिस्सों में भी चला जाता है जिसके कारण मस्से हो जाते हैं। कभी कभी मस्से का वायरस एक आदमी से दूसरे आदमी की त्वचा पर आकर मस्सा बना देते हैं। आइए हम आपको मस्सों से बचने के लिए घरेलू उपचार के बारे में बताते हैं।
कई बार मस्से आपके लिए परेशानी और शर्मिंदगी का कारण बन सकते हैं। अगर आप इनसे राहत पाना चाहते हैं, तो कुछ घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। ये उपाय आपको त्वचा के इन बिन बुलाये मेहमानों से राहत दिलाने में मदद करेंगे।
मस्से के लिए घरेलू उपचार
- मस्से को समाप्त करने के लिए एक अगरबत्ती जला लें और अगरबत्ती के जले हुए गुल को मस्से का स्पर्श कर तुरन्त हटा लें। ऐसा 8-10 बार करें, ऐसा करने से मस्सा सूखकर झड़ जाएगा। अगर ज्यादा मस्से हों तो बारी-बारी से सभी मस्सों को इसी तरीके से जलाकर झड़ा दें। ध्यान रहे, अगरबत्ती का स्पर्श सिर्फ मस्से पर ही होना चाहिए।
- खट्टे सेब लेकर उनका जूस निकाल लीजिए और उसको दिन में कम से कम तीन बार मस्से की जगह पर लगाइए। इस जूस को नियमित रूप से लगाने पर आप पाएंगे कि मस्से धीरे-धीरे झड़ रहे हैं और तीसरे सप्ताह तक लगभग समाप्त हो जाएंगे।
- मस्से को समाप्त करने के लिए प्याज भी फायदेमंद है। एक प्याज को लेकर उसके रस को दिन में एक बार नियमित रूप से लगाने से मस्से समाप्त होते हैं।
- बेकिंग सोडा और अरंडी के तेल को रात में मस्सों लगाकर सो जाइए, ऐसा करने से मस्से धीरे-धीरे मस्से समाप्त हो जाते हैं।
- आलू का प्रयोग करने से भी मस्से समाप्त होते हैं। आलू को छीलकर काट लीजिए, उसके कटे हुए हिस्से को मस्सों पर रगडि़ए, ऐसा करने से कुछ दिनों में मस्से समाप्त हो जाते हैं।
- लहसुन की कली को छील लीजिए, उसके बाद उसे काटकर मस्सों पर रगडि़ए, कुछ दिन बाद मस्से सूखकर झड़ जाएंगे।
- फूल गोभी का रस मिलाने से मस्से समाप्त हो जाते हैं।
- रात को सोने से पहले और सुबह उठने के बाद मस्सों पर शहद लगाइए, इससे मस्से खत्म हो जाते हैं।
- मस्से वाले हिस्से को पाइनेपल के जूस में रखिए, इससे मस्से नष्ट करने वाले एंजाइम होते हैं।
- अगर आपके घर पर एलोवेरा है, तो उसका एक छोटा का टुकड़ा काटिये और ताजा जैल मस्से पर लगायें। इससे मस्सा जल्दी ठीक हो जाता है।
इन नुस्खों को आजमाने के बाद भी अगर मस्से न समाप्त हों तो चिकित्सक से संपर्क अवश्य कीजिए। डॉक्टर नवीन वैज्ञानिक तरीके अपनाकर आपको मस्सों से निजात दिला सकता है।
BY COMMENT 26/03/2016 RAJEEV SIPAHIYA HAMIRPUR >SIPAHIYA.BLOGSPOT.COM
टाइफाइड बुखार से बचाव के लिए घरेलू इलाज
- टाइफाइड एक खतरनाक बीमारी होती है।
- लगातार घटता बढ़ता रहता है तापमान।
- घरेलु उपायों से भी हो सकता है इलाज।
- शरीर में कम ना होने दें पानी की कमी।
टाइफाइड एक खतरनाक बीमारी है, इस बीमारी में तेज बुखार आता है, जो कई दिनों तक बना रहता है। यह बुखार कम-ज्यादा होता रहता है, लेकिन कभी सामान्य नहीं होता। टाइफाइड का इन्फेक्शन होने के एक सप्ताह बाद रोग के लक्षण नजर आने लगते हैं। कई बार दो-दो माह बाद तक इसके लक्षण दिखते हैं। टाइफाइड और बुखार का घरेलू इलाज से बचाव किया जा सकता है।
बुखार से बचाव के घरेलू इलाज-
• पान का रस, अदरक का रस और शहद को बराबर मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम पीने से आराम मिलता है।
• यदि जुकाम या सर्दी-गर्मी में बुखार हो तो तुलसी, मुलेठी, गाजवां, शहद और मिश्री को पानी में मिलाकर काढा बनाएं और पीएं। इससे जुकाम सही हो जाता है और बुखार भी जल्द ही उतर जाता है।
• गर्मी के मौसम में टायफायड होने पर लू लगने के कारण बुखार होने का खतरा रहता है। ऐसे में आप कच्चे आम को आग या पानी में पकाकर इसका रस पानी के साथ मिलाकर पीएं।
• जलवायु परिवर्तन की वजह से बुखार होने तुलसी की चाय पीने से आराम मिलता है। इसके लिए 20 तुलसी की पत्तियां, 20 काली मिर्च, थोड़ी सी अदरक, जरा सी दालचीनी को पानी में डालकर खूब खौलाएं। अब इस मिश्रण को आंच से उतारकर छानें और इसमें मिश्री या चीनी मिलाकर गर्म-गर्म पीएं।
• तुलसी और सूर्यमुखी के पत्तों का रस पीने से भी टायफायड बुखार ठीक होते हैं। करीब तीन दिन तक सुबह-सुबह इसका प्रयोग करें।
टायफायड के अलावा, बुखार के कई और कारण भी हो सकते हैं, ऐसे में कुछ बातों का रखें ख्याल
• बुखार में रोगी को अधिक से अधिक आराम की जरूरत होती है। भोजन का खास ख्याल रखें। बुखार होने पर दूध, साबूदाना, चाय, मिश्री आदि हल्की चीजें खाएं। मिश्री का शर्बत, मौसमी का रस, सोडा वाटर और कच्चे नारियल का पानी जरूर पीये।
• पानी खूब पीएं और पीने के पानी को पहले गर्म करें और उसे ठंडा होने के बाद पीये। अधिक पानी पीने से शरीर का जहर पेशाब और पसीने के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है।
• लहसुन की कली पांच से दस ग्राम तक काटकर तिल के तेल में या घी में तलकर सेंधा नमक डालकर खाने से सभी प्रकार का बुखार ठीक होता है।
• तेज बुखार आने पर माथे पर ठंडे पानी का कपड़ा रखें तो बुखार उतर जाता है,और बुखार की गर्मी सिर पर नहीं चढ़ती है।
• फ्लू में प्याज का रस बार-बार पीने से बुखार उतर जाता है,और कब्ज में भी आराम मिलता है।
• पुदीना और अदरक का काढ़ा पीने से बुखार उतर जाता है। काढ़ा पीकर घंटे भर आराम करें, बाहर हवा में न जाएं।
घरेलू दवाओं से यदि आपको आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और उसके निर्देशानुसार इलाज करवाएं................................SIPAHIYA.BLOGSPOT.COM
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