Tuesday, 1 November 2016

pacl कंपनी से हमारा पैसा वापिस दिलवाया दिलवाया जाये दिहाड़ी मज़दूरी करने वाला इंसान के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है मान्य वर प्रधानमंत्री जी ,और महामहिम राष्ट्रपति जी कुछ हमारी समस्या का समाधान कीजे

pacl company (pearl) हमारा पैसा हमें कब मिलेगा हमे सूत समेत पैसा चाहिए यह हमारे खून पसीने का पैसा हैं क्या देश की सरकार इन् लुटेरो का साथ देगी आखिर सुप्रीम कोर्ट इसका फैसला जल्द क्यों नहीं दे रहा क्या हमारे देश का कानून जनता की आवाज़ को सुनना नहीं चाहता ,यह सही मत है की हमारे देश को हमारे ही लोग से खतरा हो गया है भोली भाली जनता आखिर कब तक उम्मीद लगाए बैठेगी  मान्य वर प्रधानमंत्री जी ,और महामहिम राष्ट्रपति जी कुछ हमारी समस्या का समाधान कीजेए। 

pacl कंपनी से हमारा पैसा वापिस दिलवाया  जाये दिहाड़ी मज़दूरी करने वाले इंसान के साथ यह बहुत बड़ा अन्याय हो रहा है मान्य वर प्रधानमंत्री जी ,और महामहिम राष्ट्रपति जी कुछ हमारी समस्या का समाधान कीजेए। .........   राजीव सिपहिया 

Saturday, 29 October 2016

आप सभी देश वासियों को शुभ दीपावली माह अक्टूबर 2016 की हार्दिक बधाई

 दिवाली,दीपावली अथवा गणेश-लक्ष्मी पूजन “30 अक्टूबर 2016” दिन रविवार को है । अगर इस दिन शुभ मुहूर्त में सम्पूर्ण पूजन विधि के अनुसार कोई भी माँ लक्ष्मी धन देवता कुबेर और सुख वैभव के स्वामी गणपति महाराज की पूजा सच्चे दिल और पूर्ण भक्ति भाव से करेगे तो उन भक्तो पर अपार कृपा बरसेगी।
Diwali Puja के दिन अमावस्या तिथि, दिन रविवार, नक्षत्र चित्रा/स्वाती और प्रीति नामक योग तथा चंद्रमा तुला राशि में संचार करेगा । दीपावली की रात कई स्थानों पर काली और सरस्वती की भी पूजा लक्ष्मी के साथ होती है। क्योंकि लक्ष्मी, काली और सरस्वती मिलकर आदि लक्ष्मी बन जाती हैं। इसलिए इन तीनो देवियो की साथ में पूजा अर्चना शुभ माना जाता है । Diwali Puja के दिन जहां समाज में गृहस्थ और व्यापारी वर्ग के लोग धन की देवी लक्ष्मी से समृद्धि और वित्तकोष की कामना करते हैं, वहीं साधु-संत और तांत्रिक कुछ विशेष सिद्धियां अर्जित करने के लिए रात्रिकाल में अपने तांत्रिक कर्म करते हैं ।दिवाली पूजन शुभ मुहूर्त 2016 | 
Diwali Puja Shubh Muhurat मुख्यतः तीन कालो में वर्गीकृत किया जाता है । जिसमे Ganesh Lakshmi pujan के लिए सबसे मुहूर्त समय प्रदोष काल को ही माना जाता है । प्रदोष काल के अलावा
महानिशिता काल मुहूर्त और चौघड़िया पूजा मुहूर्त भी होता है । आइये तीनो काल के शुभ मुहूर्त के बारे में जाने —

दीवाली लक्ष्मी पूजा प्रदोष काल शुभ मुहूर्त

समय = 6:27pm से 8:09pm
अवधि = 1 घण्टा 42 मिनट्स
प्रदोष काल = 5:33pm से 8:09pm
वृषभ काल = 6:27pm से 8:22pm
अमावस्या तिथि प्रारम्भ = 29/अक्टूबर/2016 को 8:40pm बजे
अमावस्या तिथि समाप्त = 30/अक्टूबर/2016 को 11:08pm बजे

दीवाली लक्ष्मी पूजा महानिशिता काल शुभ मुहूर्त

समय = कोई नहीं
अवधि = ० घण्टे ० मिनट्स
महानिशिता काल = 11:38pm से 12:31am+
सिंह काल = 12:57 am+ से 3:14 am+
अमावस्या तिथि प्रारम्भ = 29/अक्टूबर/2016 को 8:40 pm बजे
अमावस्या तिथि समाप्त = 30/अक्टूबर/2016 को 11:08 pm बजे

दीवाली लक्ष्मी पूजा चौघड़िया शुभ मुहूर्त

प्रातःकाल मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत) = 07:58am – 12:05pm
अपराह्न मुहूर्त (शुभ) = 01:27 pm – 02:49 pm
सायंकाल मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर) = 05:33 pm – 10:27 pm
☛ गृहस्थ और व्यापारी वर्ग के लोगो के लिए लक्ष्मी पूजा को प्रदोष काल के दौरान ही किया जाना शुभ माना जाता है जो कि सूर्यास्त के बाद प्रारम्भ होता है और लगभग २ घण्टे २४ मिनट तक रहता है ।
☛ महानिशिता काल तांत्रिक समुदायों और पण्डितों के लिए होता है । महानिशीथकाल में मुख्यतः तांत्रिक कार्य, ज्योतिषविद, वेद् आरम्भ, कर्मकाण्ड, अघोरी,यंत्र-मंत्र-तंत्र कार्य व विभिन्न शक्तियों का पूजन करते हैं एवं शक्तियों का आवाहन करना शुभ रहता है
☛ लक्ष्मी पूजा को करने के लिए चौघड़िया मुहूर्त विशेषकर व्यापारी समुदाय के लिए और यात्रा के लिए उपयुक्त होता है । अतः इस विशेष कल में व्यापारी वर्ग को चाहिए की धन लक्ष्मी का आहवाहन एवं पूजन, गल्ले की पूजा तथा हवन इत्यादि कार्य सम्पूर्ण कर ले
 आप सभी देश वासियों को शुभ दीपावली  माह अक्टूबर 2016 की हार्दिक बधाई 

 लक्ष्मी पूजन सामग्री

यहाँ पर बताये जा रहे पूजन सामग्री बाधित नहीं है आप अपने श्रद्धा और आर्थिक स्तिथि के अनुसार पूजन सामग्री का चयन दिवाली पूजा  कर सकते है । क्योंकि भगवान सच्ची भक्ति और भाव के भूखे है न की आप के द्वारा चढ़ाये जाने वाले पूजन सामग्री के
1. लक्ष्मी व श्री गणेश की मूर्तियां (बैठी हुई मुद्रा में) अथवा चित्र
2. देवी देवताओ के लिए आसन और वस्त्र , वस्त्र लाल अथवा पीले रंग का होना उत्तम रहता है
3. केशर, रोली, चावल, पान, सुपारी, फल – फूल, दूध, खील, बताशे, सिंदूर, शहद, सिक्के, लौंग.
4. सूखे, मेवे, मिठाई, दही, गंगाजल, धूप, अगरबत्ती, 11 दीपक
5. रूई तथा कलावा नारियल और मिट्टी अथवा तांबे का कलश रखना उत्तम है


 लक्ष्मी पूजन विधि:........ दिवाली पूजा  के लिए, सबसे पहले पूजा स्थल की साफ सफाई कर ले । इसके बाद अपने आपको तथा आसन को इस मंत्र से शुद्धिकरण के लिए इस मंत्र का जाप करे –
“ऊं अपवित्र : पवित्रोवा सर्वावस्थां गतोऽपिवा।
य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि :॥”
पृथ्विति मंत्रस्य मेरुपृष्ठः ग षिः सुतलं छन्दः
कूर्मोदेवता आसने विनियोगः॥
इन मंत्रों से अपने ऊपर तथा आसन पर 3-3 बार कुशा या पुष्पादि से छींटें लगायें फिर आचमन करें –पुष्प, चम्मच या अंजुलि से एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-
ॐ केशवाय नमः
और फिर एक बूंद पानी अपने मुंह में छोड़िए और बोलिए-
ॐ नारायणाय नमः
फिर एक तीसरी बूंद पानी की मुंह में छोड़िए और बोलिए-
ॐ वासुदेवाय नमः
फिर हाथ धोएं, पुन: आसन शुद्धि मंत्र बोलें-
ऊं पृथ्वी त्वयाधृता लोका देवि त्यवं विष्णुनाधृता।
त्वं च धारयमां देवि पवित्रं कुरु चासनम्॥
शुद्धि और आचमन के बाद चौकी सजाये चौकी पर माँ लक्ष्मी और गणेश की मूर्तियाँ विराजमान करे । मूर्तियों को विराजमान करने से पहले यह सुनश्चित अवश्य कर ले की मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में हो और भगवान गणेश की मूर्ति माँ लक्ष्मी की बायीं ओर ही हो पूजनकर्ता का मुख मूर्तियों के सामने की तरफ हो । अब कलश को माँ लक्ष्मी के सामने मुट्ठी भर चावलो के ऊपर स्थापित कर दे कलश के मुख पर रक्षा सूत्र बांध ले और चारो तरफ कलश पर रोली से स्वस्तिक या ऊं बना ले । कलश के अंदर साबुत सुपारी, दूर्वा, फूल, सिक्का डालें । उसके ऊपर आम या अशोक के पत्ते रखने चाहिए उसके ऊपर नारियल, जिस पर लाल कपडा लपेट कर मोली लपेट दें। अब नारियल को कलश पर रखें। ध्यान रहे कि नारियल का मुख उस सिरे पर हो, जिस तरफ से वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है। कलश वरुण का प्रतीक है ।
इस प्रक्रिया के बाद गणेशजी की ओर त्रिशूल और माँ लक्ष्मीजी की ओर श्री का चिह्न बनाएँ उसके सामने चावल का ढेर लगाकर नौ ढेरियाँ बनाएँ । छोटी चौकी के सामने तीन थाली व जल भरकर कलश रखें । तीन थालियों में निम्न सामान रखें।
☛ ग्यारह दीपक (पहली थाली में)
☛ खील, बताशे, मिठाई, वस्त्र, आभूषण, चन्दन का लेप सिन्दूर कुंकुम, सुपारी, पान (दूसरी थाली में)
☛ फूल, दुर्वा चावल, लौंग, इलायची, केसर-कपूर, हल्दी चूने का लेप, सुगंधित पदार्थ, धूप, अगरबत्ती, एक दीपक. (तीसरी थाली में)
इन थालियों के सामने पूजा करने वाला स्व्यं बैठे. परिवार के सदस्य आपकी बाईं ओर बैठें. शेष सभी परिवार के सदस्यों के पीछे बैठे.
आप हाथ में अक्षत, पुष्प और जल ले लीजिए. कुछ द्रव्य भी ले लीजिए यह सब हाथ में लेकर संकसंकल्प मंत्र का जाप करे ।
ऊं विष्णुर्विष्णुर्विष्णु:, ऊं तत्सदद्य श्री पुराणपुरुषोत्तमस्य विष्णोराज्ञया प्रवर्तमानस्य ब्रह्मणो ऽह्नि द्वितीय पराद्र्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे सप्तमे वैवस्वतमन्वन्तरे,
अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे जम्बुद्वीपे भरतखण्डे आर्यावर्तान्तर्गत ब्रह्मवर्तैकदेशे पुण्य (अपने नगर/गांव का नाम लें) क्षेत्रे बौद्धावतारे वीर विक्रमादित्यनृपते : २०६७, तमेऽब्दे शोभन नाम संवत्सरे दक्षिणायने/उत्तरायणे हेमंत ऋतो महामंगल्यप्रदे मासानां मासोत्तमे कार्तिक मासे कृष्ण पक्षे अमावस तिथौ (जो वार हो) शुक्र वासरे स्वाति नक्षत्रे प्रीति योग नाग करणादिसत्सुशुभे योग (गोत्र का नाम लें) गोत्रोत्पन्नोऽहं अमुकनामा (अपना नाम लें) सकलपापक्षयपूर्वकं सर्वारिष्ट शांतिनिमित्तं सर्वमंगलकामनया– श्रुतिस्मृत्यो- क्तफलप्राप्तर्थं— निमित्त महागणपति नवग्रहप्रणव सहितं कुलदेवतानां पूजनसहितं स्थिर लक्ष्मी महालक्ष्मी देवी पूजन निमित्तं एतत्सर्वं शुभ-पूजोपचारविधि सम्पादयिष्ये।
अर्थात संकल्प कीजिए कि मैं अमुक व्यक्ति अमुक स्थान व समय पर अमुक देवी-देवता की पूजा करने जा रहा हूं जिससे मुझे शास्त्रोक्त फल प्राप्त हो. सबसे पहले गणेश जी पूजन करे तब माँ लक्ष्मी का ।


दिवाली गणपति पूजन विधि
☛ हाथ में पुष्प और चावल का अक्षत लेकर गणपति का ध्यान करें। मंत्र पढ़ें-
गजाननम्भूतगणादिसेवितं कपित्थ जम्बू फलचारुभक्षणम्।
उमासुतं शोक विनाशकारकं नमामि विघ्नेश्वरपादपंकजम्।
आवाहन: ऊं गं गणपतये इहागच्छ इह तिष्ठ।।
इतना कहकर पात्र में अक्षत छोड़ें।
☛ अर्घा में जल लेकर बोलें- एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम् ऊं गं गणपतये नम:।
☛ रक्त चंदन लगाएं – इदम रक्त चंदनम् लेपनम् ऊं गं गणपतये नम:
☛ सिन्दूर चढ़ाएं –“इदं सिन्दूराभरणं लेपनम् ऊं गं गणपतये नम:। दर्वा और विल्बपत्र भी गणेश जी को चढ़ाएं।
☛ गणेश जी को वस्त्र पहनाएं – इदं रक्त वस्त्रं ऊं गं गणपतये समर्पयामि।
☛ पूजन के बाद गणेश जी को प्रसाद अर्पित करें: इदं नानाविधि नैवेद्यानि ऊं गं गणपतये समर्पयामि:।
इसी प्रकार से अन्य सभी देवताओं की पूजा करें। जिस देवता की पूजा करनी हो गणेश के स्थान पर उस देवता का नाम लें।

दिवाली लक्ष्मी पूजन विधि

☛ सबसे पहले माता लक्ष्मी का ध्यान करें
ॐ या सा पद्मासनस्था, विपुल-कटि-तटी, पद्म-दलायताक्षी।
गम्भीरावर्त-नाभिः, स्तन-भर-नमिता, शुभ्र-वस्त्रोत्तरीया।।
लक्ष्मी दिव्यैर्गजेन्द्रैः। मणि-गज-खचितैः, स्नापिता हेम-कुम्भैः।
नित्यं सा पद्म-हस्ता, मम वसतु गृहे, सर्व-मांगल्य-युक्ता।।
☛ इसके बाद लक्ष्मी देवी की प्रतिष्ठा करें। हाथ में अक्षत लेकर बोलें
“ॐ भूर्भुवः स्वः महालक्ष्मी, इहागच्छ इह तिष्ठ, एतानि पाद्याद्याचमनीय-स्नानीयं, पुनराचमनीयम्।”
☛ प्रतिष्ठा के बाद स्नान कराएं :
ॐ मन्दाकिन्या समानीतैः, हेमाम्भोरुह-वासितैः स्नानं कुरुष्व देवेशि, सलिलं च सुगन्धिभिः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः।।
☛ इदं रक्त चंदनम् लेपनम् से रक्त चंदन लगाएं।
☛ इदं सिन्दूराभरणं से सिन्दूर लगाएं। ‘ॐ मन्दार-पारिजाताद्यैः, अनेकैः कुसुमैः शुभैः। पूजयामि शिवे, भक्तया, कमलायै नमो नमः।। ॐ लक्ष्म्यै नमः, पुष्पाणि समर्पयामि।’
इस मंत्र से पुष्प चढ़ाएं फिर माला पहनाएं। अब लक्ष्मी देवी को इदं रक्त वस्त्र समर्पयामि कहकर लाल वस्त्र पहनाएं।
लक्ष्मी देवी की पूजा के बाद भगवान विष्णु एवं शिव जी पूजा करनी चाहिए फिर गल्ले की पूजा करें। पूजन के पश्चात सपरिवार आरती और क्षमा प्रार्थना करें-

क्षमा प्रार्थना

न मंत्रं नोयंत्रं तदपिच नजाने स्तुतिमहो
न चाह्वानं ध्यानं तदपिच नजाने स्तुतिकथाः ।
नजाने मुद्रास्ते तदपिच नजाने विलपनं
परं जाने मातस्त्व दनुसरणं क्लेशहरणं
आप सभी को मेरी तरफ से ढेरो बधाई ,यह पवित्र पावन पर्व है ही कुछ ऐसा है की हर कोई इसको बड़े हर्षउल्लास  मनाना चाहता है चाहे अमीर हो या गरीब ,जगमगाती चकाचक रौशनी ,  लोगो के सुसज्जित घर और बाजार  हर तरफ पटाखों  की गूंज से ,और तोहफों  से हर इंसान लुत्फ़ उठाता है आप और हम भी  अपनी भारतीय संस्कृति के अनुसार इस त्यौहार को मनाते है 
तो  एक बार फिर मेरी तरफ से आप से को हार्दिक बधाई सावधानी से इस त्यौहार को मनाये ,
प्रदूषण न फैलायें , हो सके तो दीपो के साथ दिवाली का मनोरंजन करे मास /मदिरा का खान -पान न करें 
  इंसानियत के नाम पर मेरा यह प्यार भरा सन्देश :राजीव सिपहिया (हमीरपुर )बमसन  क्षेत्र 

Friday, 28 October 2016

सेवा में
                                                                                       कार्यालय 
                                                                               श्रीमान अध्यक्ष महोदय
                                                                            भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
                                                                                  नई दिल्ली (भारत)
विषय : PACL कार्यालय हमारे पैसो को लेकर चंपत ,इस चिट फण्ड कंपनी द्वारा  हमें पैसो की ठगी का शिकार बनाना  इस बारे आप को अवगत करवाने व आप द्वारा  हमे हमारा निवेश पूंजी उपलब्ध  करवाने बारे अन्यथा उचित मार्गदर्शन और  कानूनी कार्यवाही के तहत हमारी निवेश राशि(पूँजी ) मुहैया करवाने बारे  आप के समक्ष दुर्खास्त पत्र अपील 
श्रीमान अध्यक्ष महोदय  जी    
                 विनम्र निवेदन यह है कि मैंने आप के बहुमूल्य समय में हस्तक्षेप करते हुए आप के समक्ष उचित निर्णय एवं विचार -विमर्श हेतु निम्नलिखित पंकितयां प्रस्तुत करना चाहता हूँ उम्मीद है की आप मेरे साथ दयनीय व्यव्हार कर उचित मार्गदर्शन व कानूनी कार्यवाही यथाशीघ्र अम्ल में लाएँगे 
                श्रीमान अध्यक्ष महोदय  जी मैं राजीव सिपहिया सपुत्र श्री विधि चंद सिपहिया c/o कुलदीप जम्वाल गाँव व डाकखाना हटवास तहसील नगरोटा बगवां जिला काँगड़ा हिमाचल प्रदेश में रहता  हूँ अतः मैं जिला हमीरपुर हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी हूँ संक्षेप में  बात यह है  कि हम ने पूर्वकाल वर्ष 2010 में pacl चिट  फण्ड कंपनी में  निति (पॉलिसी )pacl अभिकर्ता मधु शर्मा  द्वारा आंरभ की ,अभिकर्ता इसी  गाँव कि ग्रामीण है उसने शुरू में बहुत से  लोगो को पॉलिसी  का अधिक व्याज  बताकर प्रलोभन दिया  उस में अभिकर्ता का अपना आय लाभ था  हम ने पारिवारिक रिश्तों को मध्यनज़र रखते हुए हम ने उन पर भरोसा किया और और मासिक किश्त कैश इनके पास जमा करवाते रहे 
हमने एक परिवार में दो पॉलिसियाँ  आरम्भ की, जिसका विवरण इस प्रकार से है  pacl कंपनी में पॉलिसी -
 (1) आरम्भ तिथि 09 -11 -2010 (17 -053 )अवधि समय 5 वर्ष 6 माह(परिपकव्वता तिथि :15 मई 2016 ) कि पालिसी एफडीआर में निवेश  कुल क़िस्त योग 62500रूपए/ (प्लॉट-1250 S Q .YD )  में सीरियल नंबर 3128544  खाता नंबर U034072861  नाम :मधु सिपहिया पत्नी राजीव सिपहिया  जिसका  एजेंसी कोड :WS034000 -6955 (मधु शर्मा ) और एजेंसी यूनिट कोड :0340002331 है  आज तक की जमा राशि  जो PACL के खाते में हुई-59000 रुपये + व्याज दर अलग से  )  पालिसी-(2 )आरम्भ तिथि -22-11-2010 पालिसी खाता नंबर :U 034073648 नाम:अनु ढडवाल पत्नी राजीव ढडवाल C/Oकुलदीप (जम्वाल गाँव व डाकखाना -हटवास } एजेंसी कोड :WSO 34000-6955(मधु शर्मा) एजेंसी यूनिट कोड :WSO 340002331 है   एफडीआर में निवेश हेतु  कुल क़िस्त योग 62500रूपए/ (प्लॉट-1250 S Q .YD )17 -053 )अवधि समय 5 वर्ष 6 माह(परिपकव्वता  .....जून   2016 )  इस खाते मैं आज तक राशि जमा हुई -60000रुपये  / +व्याज दर अलग से } अतः हमे जो कुल देय निवेश राशि परिपक्व तिथि को प्राप्त होनी है वह अनुमानित राशि 90500 रूपए बनते है ) pacl के अंतर्गत स्थित कार्यालय धर्मशाला कोतवाली खनियारा रोड जिला काँगड़ा हिमाचल प्रदेश  । हमने नित हर माह किस्तें जमा  करवाई  लेकिन अंतिम वर्ष सितंबर/अक्टूबर  2015 में किस्तें देना हम ने बंद कर दिया  
    श्रीमान  अध्यक्ष महोदय जी  जब हमारी PACL  पालिसी की परिपकव्वता तिथि बीते माह मई में हुई तोह हमने एक माह पूर्व उनके  कार्यलय मैं संपर्क किया तोह वहां पर ताले लगे हुए पाए गए जब हम ने  PACL  कार्यालय के भवन मालिक  से  संपर्क किया तो उन्होंने बताया की यह pacl  वाले पिछले माह अपना ऑफिस बंद करके नौ-दो ग्यारह हो चुके हैं  अथवा चम्पत हो गए हैं उनकी हमको कोई जानकारी नहीं है आप अपने अभिकर्ता से पूछो , जब इस बारे अभिकर्ता एजेंट से पूछा तोह वह सही जवाब न दे सकी हम ने कहा की आप को मालूम होना चाहिए था की ऑफिस कब बंद हो रहा है या हो गया है हम ने पठानकोट  pacl  कार्यालय का कहा की हम वहां जांयेंगे तोह सही जवाब न दिया कि ऑफिस वहां भी बंद हो गया या नहीं हम ने उत्तरी भारत के सभी कार्यालयों के दूरभाष  नंबर पर डॉयल किया तोह कोई संपर्क न हुआ जबकुछ दिन बाद  अभिकर्ता को यह कह कर सम्बोधित किया  की हम कल वहां जा रहे हैं  तोह कहा की वहां भी ऑफिस बंद हो गया है  और कहा की आप को पैसे मिल जांयेंगे कुछ समय लगेगा और कहा की  हमारी कंपनी के पुराने लोगो से बात हो रखी है लेकिन PACL कंपनी  के बारे मैं जैसा की विदित हुआ है की कंपनी  को करोडो रुपयों का ऋण निवेशकों को देना होगा अभी इस संधर्भ मैं  विवादित मुक़दमा फैसले हेतु सुप्रीम कोर्ट के अधीन  है  और केंद्रीय जांच व्यूरो  द्वारा  कंपनी के खाते सील्ड किये जा चुके हैं कंपनी बहुत से लोगो को चूना लगा चुकी है अब उस पर विश्वास करने का तोह सवाल ही पैदा नहीं होता की वह सीधी अँगुली से पैसा उपलब्ध करवाएगी  
मान्यवर अध्यक्ष महोदय जी  हर क्षेत्र से भागी कंपनी क्या लोगो को बिना कार्यवाही के पैसा लौटाएगी यह बात समझ नहीं आ रही है  PACL  कंपनी की अभिकर्ता को जब हम ने कहा की इस ठगी के बारे मैं हमें  देश  और प्रदेश सरकार तथा केंद्र सरकार  का दरवाज़ा  खटखटाना चाहिए  तोह  वह  तरह तरह के वहाने बना कर अपना पल्ला  झाड़ रही है  श्रीमान अध्यक्ष महोदय  जी जब अभिकर्ता ने हमारी पालिसी के साथ स्वयं व  अन्य लोगो की पालिसी भी शुरू की थी  तोह उन्होंने अपनी पालिसी कुछ समय बाद बंद कर दी  और हमें इस बात की जानकारी नहीं दी ,हमें pacl कंपनी ठगी का शिकार बनाने जा रही  है और कंपनी के  जो  नुमाइन्दे है वह कंपनी के खिलाफ ठोस कदम उठाने की बजाय  हमें  अपनी बातों से गुमराह किये जा रहे है एक तोह उन्होंने हमारे  विश्वास का इतना बड़ा घात किया ,बहुत से लोगो के साथ ऐसा हुआ है लेकिन हम नहीं चाहते की जैसा हमारे साथ हुआ वैसा किसी और के साथ हो हम ठगी की बात को लेकर pacl कंपनी के खिलाफ आवाज़ बुलंद करते हुए कहते है की हमारा पैसा हमे सूत समेत वापिस चाहिए ,हम अपनी मेहनत  से कमाये  गए पैसे को जो इस कंपनी मैं प्लॉट हेतु  निवेश किया है हम ने जो भी पैसा निवेश किया है और जो निवेश व्याज है वह हमें हर हालत मैं दिलवाया जाये  हमारे लिए यह लाखो की ठगी की बात अति विकट समस्या से कम नहीं है हम एक अति निर्धन परिवार से ताल्लुक रखते है हमारी आर्थिक स्थिति है  बड़ी  मेहनत से पैसा कमाकर इस कंपनी में निवेश किया लेकिन कंपनी हमारा पैसा  लेकर भाग  गयी 
श्रीमान  अध्यक्ष महोदय जी , मैं चाहता हूँ कि आप इस दरखास्त पर गौर कर यथाशिघ्र कार्यवाही अम्ल में लाएँ  और हमारा पैसा जो हमने निवेश किया है उसे  व्याज सहित हमे पूरा पैसा दिलवाने की  कृपा करें क्या हमे देश कि  कानून व्यवस्था  पर विश्वास करना होगा आखिर क्यों पनपती है यह ऐसी कंपनीयाँ । जो लोगो के हितो का खिलवाड़ करती है इसमें हमारे देश की सरकार का योगदान का कुछ अंश भी प्रतीत होता है कि  इस pacl  कंपनी के नुमाइंदों  ने आम जनता को हर प्रदेश  के हर शहर में आकर लूटा लेकिन हमारे हर प्रदेश कि सरकार व ज़िला प्रशासन मूक दर्शक बना रहा pacl कंपनी जनता को लूटती रही जब एक बार  कंपनी इतने बडे  घोटाले में पायी गयी तो उसी समय समूचे भारत में कंपनी के कार्यलय सील  क्योँ नहीं किये गये समाचार सूत्रों से हमे ज्ञात हुआ है कि पूर्व वर्ष काल में कंपनी कई जगह प्रदेश के pacl कार्यलयों में हो रहे  घोटालो में संतलिप्त पायी गयी है  हमे भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से उम्मीद है की वह हमे हमारा पैसा परिपक्व तिथि  तक व्याज सहित दिलवाने में सहायक सिद्ध होंगे हमे और किसी से कोई उम्मीद नहीं लगती की कोई हमारा पैसा दिलवाएगा आप हमारी उम्मीद विश्वास हैं हमे निराश न कीजयेगा या फिर हमे उचित मार्ग दर्शन करें हम और हमारा समस्त निर्धन परिवार इस घटना से सहम गया है
 हमे अति रोष है कि कंपनी को  जनता के साथ खिलवाड़ करने का कोई हक़ नहीं 
 श्रीमान अध्यक्ष महोदय जी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड ने ठोस साक्ष्य जुटाते हुए और देश की कानून व्यवस्था ने  ठगी मैं संलिप्त PACL  कंपनी  के मुख्या निर्देशक  और अन्य वरिष्ठ अधिकारी जनो के विरुद्ध उचित कार्यवाही कर सराहनीय  कदम उठाया है 
  मुझे इन निम्नलिखित के  खिलाफ अति रोष व्यकत  है जिनके द्वारा हम ठगी के शिकार हुए और कब तक उत्पीड़त होते रहेंगे इनके खिलाफ कार्यवाही हेतु संपर्क पता :मुख्या प्रबंधक PACL (PEARL )लिमिटिड कंपनी खनियारा रोड-धर्मशाला काँगड़ा ।
pacl अभिकर्ता मधु शर्मा पत्नी श्री केवल कृष्ण गाँव व डाकखाना हटवास तहसील-नगरोटा बगवां ज़िला काँगड़ा (हिमाचल प्रदेश )
  कॉरपोरेट कार्यलय PACL :मुख्या निर्देशक निर्मल सिंह भंगू  सातवीं मंज़िल  गोपालदास  भवन। 28 ,बाराखम्बा  रोड  नई दिल्ली -110001 
  रजिस्टर्ड  कार्यालय  PACL इंडिया  लिमिटिड  22 . तीसरी मंज़िल  एम्बर टॉवर  संसार चंद रोड -जयपुर -302004                             
                                                                                                                निवेदककर्ता 
       
        दिनाक :     अक्टूबर   2016 
        स्थान :     धर्मशाला (काँगड़ा)                                                         श्री  राजीव सिपहिया 
       प्रतिलिपि : भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड                             सपुत्र  श्री विधि  चंद 
          PACL  एफडीआर सलग्न  की जा रही है                                 C/O श्री कुलदीप जम्वाल 
                                                                                                       गाँव व डाकखाना -हटवास 
                                                                                                      तहसील-नगरोटा बगवां 
                                                                                                   जिला काँगड़ा (हिमाचल प्रदेश)
                                                                                                     दूरभाष नंबर :9625532900 
                                                                                                                        9418614136 

                                                                                             

Wednesday, 19 October 2016

सेवा में
                                         कार्यालय
                                      महामाननीय मुख्यमंत्री महोदय
                                      शिमला
                                      ज़िला शिमला
                                      हिमाचल प्रदेश
                                      भारत
विषय: गरीबी रेखा से नीचे निर्वाह कर रहे परिवार के मुझ अक्षम रोगी को उचित आर्थिक सहायता   अनुदान मुहैया करवाने हेतु आप के समक्ष  दुर्खास्त  पत्र अपील |

महामाननीय राजा साहिब जी ,
                                              विनम्र निवेदन है की मैंने पुनः  आप के बहुमूल्य समय में हस्तक्षेप करते हुये आप के समक्ष उचित निर्णय एवं विचार विमर्श हेतु निम्नलिखित पंक्तिया प्रस्तुत करना चाहता हूँ  उम्मीद है की आप मुझ निर्धन अक्षम के साथ दयनीय व्यवहार कर यथाशिघ्र  कार्यवाही अमल में लाएँगे ,
संक्षेप रूप में बात यह है मैं रोहित कुमार सपुत्र स्वर्गीय श्री विनोद कुमार  गाँव सुरह  डाकखाना -लग देवी (ऊहल ) विकास खंड  व तहसील- टौणी देवी ज़िला हमीरपुर हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी हूँ  अतः अत्यंत निर्धन परिवार से सम्बंधित अपना जीवन यापन कर रहा हूँ और मेरा यह दुर्भाग्य है की मेरे साथ हुई अकस्मात घटना ने मुझे लाचार  बना कर रख दिया है पूर्व समय छः वर्ष पहले मैं ग्यारहवीं का छात्र था बरसात के दिनों में ऊंचाई से गिर जाने के कारण पूर्ण रूप से शत प्रतिशत अपाहिज हो गया हूँ
                मान्यवर राजा साहिब जी मैं आप को अपनी व्यथा सुनाना चाहता हूँ  मेरे पूज्य पिता जी का स्वर्गवास हो चूका है हमारे परिवार वालो ने मेरे पिता की मृत्यु के बाद मेरे ताया और दादी ने मेरी माँ को इतना विवश कर दिया कि हमे अपना जीवन यापन करने के लिए अपनी नानी के पास रहना पड़ा , हम अति निर्धन है घर में मेरा बड़ा भाई बाहरवीं करने के पश्चात  ज़िला हमीरपुर में दूकान पर काम करता है मेरी एक छोटी बहन है जो बाहरवीं की शिक्षा ग्रहण कर रही है हमारा सारा खर्च मेरी नानी को उठाना पड़ता है  इस महंगाई  में घर का खर्च बड़ी मुश्किल से होता है और ऊपर से मेरा खर्च कर पाना बहुत बड़ी मुसीबत बन गया है
      राजा साहिब जी मेरा बीते वर्षों में काफी उपचार प्रदेश के बहार जालंधर और चंडीगढ़ में हुआ जिसका भारी खर्चा मेरी नानी को उठाना पड़ा  व पूर्व बीते वर्ष 2016 में  पी.जी.आई -चंडीगढ़ में मेरा  स्पाइन का आपरेशन हुआ जिस में आयुर्वेदिक संस्थान द्वारा मुझे  बी पी एल  योजना के अन्तर्गत आने पर  (पी. जी.आई-चंडीगढ़ )ने  जो अनुदान मात्र  20000 /स्वीकृत किया लेकिन  उससे कहीं ज्यादा हमे भुगतान करना पड़ा जिसका मात्र कुल योग -   70000 रूपए बनता है   अतः मैं चाहता हूँ  कि जो भुगतान मेरे उपचार पर मेरे नानी परिवार रिश्तेदारो  ने देय किया मैं  उनका अति ऋणी हो गया हूँ  अभी मेरे स्वस्थ्य मैं पूर्ण रूप से कोई सुधार  नहीं हुआ है पी. जी. आई चंडीगढ़ स्पाइन सर्जन  के पास हर दूसरे माह जाना पड़ता है उपचार हेतु कब तक जाना पड़े  कुछ कहा नहीं जा सकता अभी तक मैं स्वयं चलने उठने व् बैठने  में असमर्थ हूँ    अतः मैं चाहता हूँ की आप मुझ निर्धन की दुर्दशा पर दयनीय व्यबहार कर मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने हेतू  कुछ अनुदान मुहैया करवाने की कृपा करेंगे तो आप की अति महान कृपा होगी ,मैंने  आप को इस दुर्खास्त अपील  के साथ अपने समस्त प्रमाण पत्र  और सत्यापित मैडिकल रिपोर्ट  देय बिल और आवागमन  वाहन बिल साथ में सलग्न किये थे ,लेकिन इस पर कोई कार्यवाही नहीं हुई ,एक वर्ष् बीतने वाला है लेकिन मुझे किसी तरह का कोई आर्थिक सहायता मुहैया नहीं करवाई गयी ,

  मैं अपने प्रदेश के राजा के समक्ष नतमस्तक हो कर अपील कर रहा हूँ कि आप मुझ अक्षम निर्धन के लिए
 कुछ करने मैं सहायक सिद्ध होंगे मैं और मेरा परिवार आप को दुआओ  में सर्वोपरि रखेगा आप इस दरखास्त पर बिलम्ब न करते  हुये  तुरंत ठोस कदम उठाएँगे ,मुझे अपने प्रदेश के राजा पर विश्वास है कि वह इस अक्षम /लाचार फरयादी की फर्याद पर जरूर अम्ल करेंगें |
मैं आप के समक्ष दोबारा समस्त बिलों की प्रतिलिपि व अन्य दस्तावेज सलग्न कर रहा हूँ    
                                  शुभकामनायो सहित। ..
                                                                                                              निवेदक
               
                                                                                                          रोहित कुमार  
  दिनांक  :          अक्टूबर 2017                                                      सपुत्र  स्वर्गीय श्री विनोद कुमार
  स्थान   :              हमीरपुर                                                             गाँव -सुराह  वार्ड-5
                                                                                                       डाकखाना -लगदेवी (ऊहल )
                                                                                                       विकास खंड व तहसील  -टौणी देवी
                                                                                                       ज़िला -हमीरपुर
                                                                                                       हिमाचल  प्रदेश  177022                   


सेवा में
                                         कार्यालय
                                      महामाननीय मुख्यमंत्री महोदय
                                      शिमला
                                      ज़िला शिमला
                                      हिमाचल प्रदेश
                                      भारत
विषय: गरीबी रेखा से नीचे निर्वाह कर रहे परिवार के मुझ अक्षम रोगी को उचित आर्थिक सहायता   अनुदान मुहैया करवाने हेतु आप के समक्ष  दुर्खास्त  पत्र अपील |

महामाननीय राजा साहिब जी ,
                                              विनम्र निवेदन है की मैंने आप के बहुमूल्य समय में हस्तक्षेप करते हुये आप के समक्ष उचित निर्णय एवं विचार विमर्श हेतु निम्नलिखित पंक्तिया प्रस्तुत करना चाहता हूँ  उम्मीद है की आप मुझ निर्धन अक्षम के साथ दयनीय व्यवहार कर यथाशिघ्र  कार्यवाही अमल में लाएँगे ,
संक्षेप रूप में बात यह है मैं रोहित कुमार सपुत्र स्वर्गीय श्री विनोद कुमार  गाँव सुरह  डाकखाना -लग देवी (ऊहल ) विकास खंड  व तहसील- टौणी देवी ज़िला हमीरपुर हिमाचल प्रदेश का स्थाई निवासी हूँ  अतः अत्यंत निर्धन परिवार से सम्बंधित अपना जीवन यापन कर रहा हूँ और मेरा यह दुर्भाग्य है की मेरे साथ हुई अकस्मात घटना ने मुझे लाचार  बना कर रख दिया है पूर्व समय छः वर्ष पहले मैं ग्यारहवीं का छात्र था बरसात के दिनों में ऊंचाई से गिर जाने के कारण पूर्ण रूप से शत प्रतिशत अपाहिज हो गया हूँ
                मान्यवर राजा साहिब जी मैं आप को अपनी व्यथा सुनाना चाहता हूँ  मेरे पूज्य पिता जी का स्वर्गवास हो चूका है हमारे परिवार वालो ने मेरे पिता की मृत्यु के बाद मेरे ताया और दादी ने मेरी माँ को इतना विवश कर दिया कि हमे अपना जीवन यापन करने के लिए अपनी नानी के पास रहना पड़ा , हम अति निर्धन है घर में मेरा बड़ा भाई बाहरवीं करने के पश्चात  ज़िला हमीरपुर में दूकान पर काम करता है मेरी एक छोटी बहन है जो बाहरवीं की शिक्षा ग्रहण कर रही है हमारा सारा खर्च मेरी नानी को उठाना पड़ता है  इस महंगाई  में घर का खर्च बड़ी मुश्किल से होता है और ऊपर से मेरा खर्च कर पाना बहुत बड़ी मुसीबत बन गया है
      राजा साहिब जी मेरा बीते वर्षों में काफी उपचार प्रदेश के बहार जालंधर और चंडीगढ़ में हुआ जिसका भारी खर्चा मेरी नानी को उठाना पड़ा  व पूर्व बीते माह  पी.जी.आई -चंडीगढ़ में मेरा  स्पाइन का आपरेशन हुआ जिस में आयुर्वेदिक संस्थान द्वारा मुझे  बी पी एल  योजना के अन्तर्गत आने पर  (पी. जी.आई-चंडीगढ़ )ने  जो अनुदान मात्र  20000 /स्वीकृत किया लेकिन  उससे कहीं ज्यादा हमे भुगतान करना पड़ा जिसका मात्र कुल योग -    0000 रूपए बनता है   अतः मैं चाहता हूँ  कि जो भुगतान मेरे उपचार पर मेरे नानी परिवार रिश्तेदारो  ने देय किया मैं  उनका अति ऋणी हो गया हूँ  अभी मेरे स्वस्थ्य मैं पूर्ण रूप से कोई सुधार  नहीं हुआ है पी. जी. आई चंडीगढ़ स्पाइन सर्जन  के पास हर दूसरे माह जाना पड़ता है उपचार हेतु कब तक जाना पड़े  कुछ कहा नहीं जा सकता अभी तक मैं स्वयं चलने उठने व् बैठने  में असमर्थ हूँ    अतः मैं चाहता हूँ की आप मुझ निर्धन की दुर्दशा पर दयनीय व्यबहार कर मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार लाने हेतू  कुछ अनुदान मुहैया करवाने की कृपा करेंगे तो आप की अति महान कृपा होगी ,मैं आप को इस दुर्खास्त अपील  के साथ अपने समस्त प्रमाण पत्र  और सत्यापित मैडिकल रिपोर्ट  देय बिल और आवागमन हेतु वाहन बिल साथ में सलग्न कर रहा हूँ

  मैं अपने प्रदेश के राजा के समक्ष नतमस्तक हो कर अपील कर रहा हूँ कि आप मुझ अक्षम निर्धन के लिए
 कुछ करने मैं सहायक सिद्ध होंगे मैं और मेरा परिवार आप को दुआओ  में सर्वोपरि रखेगा आप इस दरखास्त पर बिलम्ब न करते  हुये  तुरंत ठोस कदम उठाएँगे ,मुझे अपने प्रदेश के राजा पर विश्वास है कि वह इस अक्षम /लाचार फरयादी की फर्याद पर जरूर अम्ल करेंगें |
                                            शुभकामनायो सहित। .....      
                                                                                                              निवेदक
               
                                                                                                          रोहित कुमार  
  दिनांक  :          अक्टूबर 2016                                                        सपुत्र  स्वर्गीय श्री विनोद कुमार
  स्थान   :              हमीरपुर                                                             गाँव -सुराह  वार्ड-5
                                                                                                       डाकखाना -लगदेवी (ऊहल )
                                                                                                       विकास खंड व तहसील  -टौणी देवी
                                                                                                       ज़िला -हमीरपुर
                                                                                                       हिमाचल  प्रदेश  177022                   



Saturday, 9 April 2016

जय माता दी । जय माँ ब्रम्हचारणी । दूसरा नवरात्र ०९/०४/२०१६

जय माता दी । जय माँ ब्रम्हचारणी । दूसरा नवरात्र 

०९/०४/२०१६ 


माँ मेरा नतमस्तक प्रणाम स्वीकार हो आप का मानस पुत्र 

तुच्छ  राजीव सिपहिया 


मां के मंदिरों में नवरात्र के दूसरे दिन माता के ब्रह्मचारिणी रूप की 



आराधना होती हैं।मां अपने भक्तों को जीवन की कठिन परिस्थतियो


 में भी आशा व विश्वास के साथ कर्तव्यपथ पर चलने की दिशा प्रदान 



करती है। आज के दिन माता का ध्यान ब्रह्मा के उस दिव्य चेतना 



का बोध कराता है जो हमे पथभ्रष्ट, चारित्रिक पतन व कुलषित जीवन 


से मुक्ति दिलाते हुए पवित्र जीवन जीने की कला सिखाती है। मां 


का यह स्वरूप समस्त शक्तियों को एकाग्र कर बुद्धि विवेक व धैर्य के


 
साथ सफलता की राह पर बढऩे की सीख देता है।

नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना 2016 , 12 :45 [IST] hp :---माँ जालपा सुरह  > मां दुर्गा का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी जिसका दिव्य स्वरूप व्यक्ति के भीतर सात्विक वृत्तियों के अभिवर्दन को प्रेरित करता है। मां ब्रह्मचारिणी को सभी विधाओं का ज्ञाता माना जाता है। मां के इस रूप की आराधना से मनचाहे फल की प्राप्ति होती है। तप, त्याग, वैराग्य, सदाचार व संयम जैसे गुणों वृद्धि होती है। ब्रह्मचारिणी का अर्थ तप की चारिणी अर्थात तप का आचरण करने वाली। मां के इस दिव्य स्वरूप का पूजन करने मात्र से ही भक्तों में आलस्य, अंहकार, लोभ, असत्य, स्वार्थपरता व ईष्र्या जैसी दुष्प्रवृत्तियां दूर होती हैं। मां के मंदिरों में नवरात्र के दूसरे दिन माता के ब्रह्मचारिणी रूप की आराधना होगी। मां अपने भक्तों को जीवन की कठिन परिस्थतियों में भी आशा व विश्वास के साथ कर्तव्यपथ पर चलने की दिशा प्रदान करती है। आज के दिन माता का ध्यान ब्रह्मा के उस दिव्य चेतना का बोध कराता है जो हमे पथभ्रष्ट, चारित्रिक पतन व कुलषित जीवन से मुक्ति दिलाते हुए पवित्र जीवन जीने की कला सिखाती है। मां का यह स्वरूप समस्त शक्तियों को एकाग्र कर बुद्धि विवेक व धैर्य के साथ सफलता की राह पर बढऩे की सीख देता है। ब्रहमचारिणी मां दुर्गा को द्वितीय शक्ति स्वरूप है। मां स्वेत वस्त्र पहने दाएं हाथ में अष्टदल की माला और बांए हाथ में कमण्डल लिए हुए सुशोभित है। पैराणिक ग्रंथों के अनुसार यह हिमालय की पुत्री थीं तथा नादर के उपदेश के बाद यह भगवान को पति के रूप में पाने के लिए इन्होंने कठोर तप किया। जिस कारण इनका नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा। इन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए 1000 वर्षों तक सिर्फ फल खाकर ही रहीं तथा अगले 3000 वर्ष की तपस्या सिर्फ पेड़ों से गिरी पत्तियां खाकर की। इसी कड़ी तपस्या के कारण उन्हें ब्रह्मचारिणी व तपस्चारिणी कहा गया है। कठोर तप के बाद इनका विवाद भगवान शिव से हुआ। माता सदैव आनन्द मयी रहती हैं। ध्यान मंत्र दधांना कर पहाभ्यामक्षमाला कमण्डलम। देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मiचारिण्यनुत्तमा।