Saturday, 26 March 2016

मेथी के स्वास्थ्य लाभ -

मेथी की तासीर गरम होती है| गंगाफल (कद्दू) का बघार मेथी से किया जाता है| बहुत से अचारों में भी मसाले के साथ मेथी पीसकर मिलाई जाती है| गांव तथा शहर सभी जगह जाड़े के मौसम में मेथी का साग बड़े स्वाद से खाया जाता है|
मेथी के स्वास्थ्य लाभ - Health Benefits of Fenugreek
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इसे मेथिका भी कहते हैं| यह वात रोग नाशक, दीपनी, उष्ण, हृदय को बल देने वाली, कृमि नाशक, वायु गोला, उदरशूल तथा कफ में लाभदायक है| मेथी के चिकित्सीय उपयोग इस प्रकार हैं - 

वात रोगथोड़ी-सी मेथी को देशी घी में भून लें| फिर इसको पीसकर थोड़ी-सी शक्कर मिलाएं| अब इसके छोटे-छोटे लड्डू बांध लें| सुबह-शाम एक-एक लड्डू दूध के साथ सेवन करें| वात रोग ठीक हो जाएगा|
अतिसारमेथी के साग को घी में भूनकर जरा-सा सेंधा नमक डालकर खाने से अतिसार शान्त होता है| मेथी के पत्तों का रस पीने से भी अतिसार के रोगी को काफी लाभ मिलता है|
गठियागुड़ में मेथी का पाक बनाकर खाने से गठिया रोग दूर होता है| मेथी को तेल में पकाकर गठिया वाले स्थानों पर लगाने से भी गठिया का दर्द ठीक हो जाता है| यह बहुत ही उम्दा नुस्खा बताया जाता है|
चोट की सूजनमेथी के पत्तों की पुल्टिस बांधने से चोट की सूजन खत्म हो जाती है|
कब्ज मेथी के पत्तों का साग (सब्जी) सूखी रोटी के साथ खाने से कब्ज टूटता है और मल साफ आता है|
ज्वर मेथी की पत्तियों को घी में भूनकर नमक के साथ खाएं अथवा 3 ग्राम मेथी का चूर्ण फांककर ऊपर से गुनगुना पानी पी लें| दोनों प्रयोगों से बुखार उतर जाता है|
मधुमेह100 ग्राम मेथी के दानों को पीसकर रख लें| इसमें से 5 ग्राम चूर्ण पानी के साथ सेवन करें| मेथी का चूर्ण आटे में मिलाकर रोटी बनवाकर खाने से भी मधुमेह का रोग जाता रहता है|
जलनमेथी के पत्तों को पीसकर पानी में घोलकर सुबह-शाम सेवन करें| मेथी के पत्तों को शरीर में भी चलें| इससे शरीर की जलन दूर होती है|
खूनी बवासीरदो चम्मच मेथी के दानों का चूर्ण एक कप पानी में डालकर काढ़ा बनाकर सेवन करें|
जल जाना त्वचा के जल जाने पर मेथी के दानों को पानी में पीसकर लेप लगाएं| इससे फफोले नहीं पड़ते और जलन दूर होती है|
भूख न लगना5 ग्राम मेथी दाना घी में भून लें| फिर इसे पीसकर शहद के साथ चाटें| कुछ दिनों तक इसका सेवन करने से भूख खुलकर लगती है| 

धात दुर्बलता का घरेलु उपचार - HOMEMADE REMEDIES FOR DHATT WEAKNESS

धात दुर्बलता का घरेलु उपचार - HOMEMADE REMEDIES FOR DHATT WEAKNESS

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इस रोग में धातु क्षीणता के कारण व्यक्ति जल्दी स्खलित हो जाता है| ऐसे रोगी का वीर्य पतला होता है| इसके शिश्न में बहुत कम उत्थान हो पाता है|
धात दुर्बलता का घरेलु उपचार - Homemade Remedies for Dhatt Weakness
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धातु दुर्बलता से छुटकारा पाने के लिए कामोत्तेजक खाद्य पदार्थों-लहसुन, मांस, मदिरा, चाय, कॉफी, अधिक मिर्च-मसाले वाली वस्तुएं आदि का उपयोग तत्काल कम कर देना चाहिए| 

कारणअत्यधिक चिन्ता, शोक, मानसिक अशान्ति आदि कारणों से मनुष्य के शरीर में धातु या वीर्य क्षीण हो जाता है| इसके अलावा दिमागी कमजोरी, पौष्टिक भोजन, फल, दूध, मेवा आदि की कमी के फलस्वरूप व्यक्ति के शरीर के मांस, मेद, अस्थि, मज्जा आदि उचित मात्रा में नहीं बन पाते| अन्त में यही वीर्य की कमजोरी का कारण बन जाते हैं|
पहचानधातु या वीर्य दुर्बलता के कारण शारीरिक और मानसिक कमजोरी दिखाई देने लगती है| शरीर में तरह-तरह के रोग पैदा हो जाते हैं| इसके साथ-साथ उदासी, आलस्य, अंगों का कांपना, थकावट, अप्रसन्नता, काम में मन न लगना, पेट के रोग, स्नायु दुर्बलता, श्वास, खांसी, शिश्न में कमजोरी आदि लक्षण मालूम पड़ते हैं|
नुस्खे
  • धातु पुष्ट करने के लिए गिलोय का दो चम्मच रस शहद के साथ प्रतिदिन सुबह-शाम चाटें|
  • दो चम्मच आंवले का रस सुबह बिना कुछ खाए-पिए शहद के साथ सेवन करें|
  • 3 ग्राम तुलसी के बीज में मिश्री मिलाकर प्रतिदिन दोपहर के भोजन के बाद खाएं|
  • 10 ग्राम सफेद मूसली के चूर्ण में मिश्री मिलाकर खाएं| ऊपर से आधा किलो गाय का दूध पिएं|
  • उरद की दाल का चूर्ण घी में भूनकर उसमें खांड़ मिलाकर खाएं|
  • नियमित रूप से रोज 100 ग्राम पपीते का रस पीने से वीर्य पुष्ट होता है|
  • दो चम्मच गोमूत्र में एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण मिलाकर सेवन करें|
  • इलायची के दाने, बादाम की गिरी, जावित्री तथा मक्खन - सबको शक्कर के साथ खाने से धातु पुष्ट होती है|
  • प्रतिदिन निहार मुंह लहसुन की दो कलियों का सेवन दूध के साथ करें|
  • 5 ग्राम आंवले का चूर्ण सुबह और 5 ग्राम शाम को दूध के साथ लें| 
  • by comment :sipahiya.blogspot.com