Diabetes in Hindi, Madhumeha in Hindi, मधुमेह: ब्लड में शुगर का स्तर बढ़ने से डायबिटीज हो जाता है। मधुमेह (madhumeha) के मरीज को थकान और प्यास लगने के अलाव कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तनाव भरा माहौल डायबिटीज रोगी को और अधिक बीमार कर सकता है। डायबिटीज मरीजों के लिए अच्छा वातावरण होना बहुत जरूरी है। डायबिटीज क्या है (मधुमेह, madhumeha kya hai), डायबिटीज होने के कारण (मधुमेह, madhumeha ke karan), डायबिटीज के विभिन्न प्रकार, टाइप 1 डायबिटीज, टाइप 2 डायबिटीज, जेस्टेशनल डायबिटीज, टाइप वन डायबिटीज के जोखिम कारक, टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम कारक, डायबिटीज का निदान, डायबिटीज के लक्षण (मधुमेह, madhumeha ke lakshan), मधुमेह की जांच, मधुमेह में घर पर कैसे पता करें ग्लूकोज का स्तर, डायबिटीज के मरीजों के लिए आहार, डायबिटीज के मरीज कैसे जिएं सामान्य जीवन, डायबिटीज से संबंधित तथ्य, मधुमेह या डायबिटीज में पानी पीने के फायदे,
.......राजीव सिपहिया
.......राजीव सिपहिया
मधुमेह को एक साइलेंट किलर के नाम से जाना जाता है। अगर समय रहते मधुमेह रोग पर नियंत्रण नहीं किया गया तो ये शरीर के अन्य अंगो पर भी बुरा असर डालने लगता है।इसके बारे में जानकारी विश्व मधुमेह दिवस पर डॉ. राजीव कपूर ने दी। मधुमेह का सबसे ज्यादा असर हृदय, किडनी एवं आंख पर पड़ता है। शराब एवं धूम्रपान न किया जाए और नियमित रूप से व्यायाम के साथ 30 से 45 मिनट की सैर मधुमेह में बहुत लाभदायक है।
शोध के अनुसार
मधुमेह के मरीजों की बढ़ती हुई संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. कपूर कहा कि मधुमेह लक्षण के न होने पर भी आपको मधुमेह हो सकता है। मधुमेह के लिए अपने रक्त की जांच चिकित्सालय में समय-समय पर अवश्य कराते रहें, जिससे बीमारी का जल्द से जल्द पता चल जाए और इलाज भी जल्द से जल्द शुरू हो जाए।
उन्होंने कहा कि खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। तनाव को कम करने के लिए योग एवं मेडिटेशन लाभप्रद है। कभी-कभी रक्त में ग्लूकोज की कमी हो जाने के कारण एक गंभीर समस्या पैदा होती है, जिसे हाइपोग्लाइसेमिया कहते हैं। यदि इसका अतिशीघ्र उपचार नहीं किया गया तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
डॉ. राजीव कपूर ने कहा कि मरीज होश में हो तो उसे शर्करायुक्त चीजें, जैसे शरबत, ग्लूकोज का घोल वगैरह दिया जाना चाहिए। इससे मरीज तुरंत बेहतर महसूस करने लगता है।
उन्होंने कहा कि खान-पान पर विशेष ध्यान दिया जाए। तनाव को कम करने के लिए योग एवं मेडिटेशन लाभप्रद है। कभी-कभी रक्त में ग्लूकोज की कमी हो जाने के कारण एक गंभीर समस्या पैदा होती है, जिसे हाइपोग्लाइसेमिया कहते हैं। यदि इसका अतिशीघ्र उपचार नहीं किया गया तो मरीज की मौत भी हो सकती है।
डॉ. राजीव कपूर ने कहा कि मरीज होश में हो तो उसे शर्करायुक्त चीजें, जैसे शरबत, ग्लूकोज का घोल वगैरह दिया जाना चाहिए। इससे मरीज तुरंत बेहतर महसूस करने लगता है।
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